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डीजी से संदेश

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अर्थव्यवस्था के विकास के साथ, ऊर्जा की मांग में काफी वृद्धि हुई है। इसके अलावा, क्षेत्रों में से कुछ में ऊर्जा तीव्रता के उच्च स्तर चिंता का विषय है। ऊर्जा संसाधनों और उनके संरक्षण के ऐसे परिदृश्य कुशल उपयोग में जबरदस्त महत्व ग्रहण और फालतू की खपत और सतत विकास की कटौती के लिए आवश्यक है। तथ्य यह है कि ऊर्जा और इसके संरक्षण के कुशल उपयोग बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए कम से कम लागत विकल्प है को स्वीकार करते हुए भारत सरकार ने ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 अधिनियमित और मार्च में ऊर्जा दक्षता ब्यूरो की स्थापना की है, 2002 के अधिनियम में प्रावधान संस्थागत और देश में ऊर्जा दक्षता सेवाओं के लिए वितरण तंत्र को मजबूत बनाने और विभिन्न संस्थाओं के बीच बहुत जरूरी समन्वय प्रदान करता है। ऊर्जा की बचत एक राष्ट्रीय कारण है और हम सभी के हाथ मिलाने के लिए है और सभी भारत एक ऊर्जा कुशल अर्थव्यवस्था और समाज बनाने के प्रयासों में बाहर कर इतना ही नहीं है कि हम अपने स्वयं के बाजार में प्रतिस्पर्धी बने रहने पर भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हो जाएगा ।



महानिदेशक, बीईई