आंकड़े अनुपलब्ध!

ईसीबीसी वाणिज्यिक

Printer-friendly version

 

भारत में वाणिज्यिक भवन क्षेत्र का प्रति वर्ष 9% से अधिक की दर से विस्तार हो रहा है, जो कि सेवा क्षेत्र में व्‍यापक वृद्धि के कारण है। यह अनुमान लगाया गया है कि वर्ष 2030 में बनने वाले 50% से अधिक भवन निर्माण स्टॉक से देश अभी तक ऐसी स्थिति में नहीं आया है जो विकसित देशों से मौलिक रूप से भिन्‍न हैं। इस तथ्य को देखते हुए कि वाणिज्यिक भवन क्षेत्र में विकास दर सबसे अधिक है, और यह कि, इस क्षेत्र को अपनी ऊर्जा खपत को मामूली करने की आवश्यकता है, बीईई ने भवनों के कारण पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के लिए एक स्वैच्छिक नीति उपाय के रूप में मौजूदा भवनों के लिए स्टार रेटिंग पेश की है।

ईसी अधिनियम के प्रावधानों के तहत मार्च, 2002 में भारत सरकार द्वारा ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) की स्थापना की गई थी। विद्युत मंत्रालय ने 2009 में भारत में वाणिज्यिक भवनों योजना की स्टार रेटिंग शुरू की थी।

भवनों के लिए स्टार रेटिंग कार्यक्रम जो अपने क्षेत्र के भवन में ऊर्जा के उपयोग पर आधारित है, को कि.वॉट/ वर्ग मी./ वर्ष में अभिव्यक्त किया गया है। यह कार्यक्रम 1-5 पैमाने पर भवनों की दर निर्धारित करता है, जिसमें 5 स्टार लेबल वाले भवन सबसे दक्ष हैं। कार्यालय भवन के दैनिक उपयोग के लिए, बीपीओ, अस्पताल और शॉपिंग मॉल के लिए स्टार लेबल विकसित किए गए हैं। 10 जनवरी, 2019 को बीईई और सीपीडब्ल्यूडी के बीच "सीपीडब्ल्यूडी प्रबंधित भवन में ऊर्जा दक्षता" के लिए एक समझौता-ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

225 व्यावसायिक भवनों को विभिन्न श्रेणियों के भवनों के तहत स्टार रेटिंग दी गई है।

(a) कार्यालय भवन के लिए स्टार रेटिंग योजना

  • कार्यालय भवनों की सूची जिन्‍हें बीईई स्टार रेटिंग योजना के तहत स्टार लेबल प्रदान किया गया

(b) बीपीओ के लिए स्टार रेटिंग योजना

  • बीपीओ की सूची जिन्‍हें बीईई स्टार रेटिंग योजना के तहत स्टार लेबल प्रदान किया गया

(c) अस्पतालों के लिए स्टार रेटिंग योजना

  • अस्पतालों की सूची जिन्‍हें बीईई स्टार रेटिंग योजना के तहत स्टार लेबल प्रदान किया गया

(d) शॉपिंग मॉल के लिए स्टार रेटिंग योजना

  • शॉपिंग मॉल की सूची जिन्‍हें बीईई स्टार रेटिंग योजना के तहत स्टार लेबल प्रदान किया गया