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ECBC आवासीय

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ईसीबीसी आवासीय

आवासीय भवन स्टॉक में तीव्र वृद्धि के साथ-साथ स्‍पेस कंडीशनिंग के लिए बिजली के उपयोग में वृद्धि के परिणामस्वरूप, आवासीय भवनों में बिजली के उपयोग में तेजी से वृद्धि हुई है। नीति आयोग द्वारा लगाए गए अनुमान से संकेत मिलता है कि आवासीय क्षेत्र के लिए बिजली की खपत 2047 तक 6-13 गुना बढ़ने की उम्मीद है। शहरी मध्यम-आय वाले अपार्टमेंट के नमूने से एकत्र किए गए डेटा से पता चलता है कि थर्मल सुविधा प्रदान करने पर बिजली की वार्षिक खपत 30-60% तक बढ़ जाती है। एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू थर्मल कंफर्ट है, जो सभी प्रकार के आवासों में विशेषकर किफायती आवास के मामले में और अधिक अत्यधिक महत्व रखता है, ताकि निवासियों का स्वास्थ्य और कल्‍याण सुनिश्चित हो सके। बीईई ने आवासीय भवन ऊर्जा संरक्षण कोड के विकास के लिए एक चरणबद्ध दृष्टिकोण की परिकल्पना की। घरों को ऊर्जा दक्ष बनाना निश्चित रूप से आवासीय भवनों में दीर्घावधि में बिजली की खपत के व्‍यर्थ होने से बचने का एक तरीका है।

इको-निवास संहिता 2018 (भाग-I)

इस प्रकार, इको निवास संहिता, भाग-I भवन आवरण (आवासीय क्षेत्र के लिए ऊर्जा संरक्षण भवन कोड) विकसित किया गया और इसे 14 दिसंबर, 2018 को लोक सभा के माननीय अध्‍यक्ष तथा माननीय विद्युत, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री द्वारा राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर लॉन्च किया गया। यह गर्मी के फायदों (ठंडे जलवायु वाले क्षेत्रों के लिए) को सीमित करने और गर्मी के नुकसान (गर्म जलवायु वाले क्षेत्रों के लिए) के साथ-साथ पर्याप्त प्राकृतिक वायु-संचार और दिन की रोशनी सुनिश्चित करने के लिए न्यूनतम भवन आवरण निष्‍पादन मानकों को स्थापित करने के लिए विकसित किया गया है। यह कोड भूखंड क्षेत्र ≥ 2500 मी2 पर निर्मित सभी आवासीय उपयोग निर्माण परियोजनाओं पर लागू होता है। कोड को विशेष रूप से शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) द्वारा भवन निर्माण उप-नियमों को ध्‍यान में रखते हुए अपनाने के लिए विकसित किया गया है। पिछले वर्ष, सरकार ने आवासीय क्षेत्रों में ऊर्जा दक्षता को बढ़ाने के लिए, इको-निवास संहिता 2018 को लॉन्च किया है जो आवासीय भवनों के लिए ईसीबीसी है। कोड का उद्देश्य आवास और टाउनशिप सहित घरों के डिजाइन और निर्माण को बढ़ावा देना है ताकि निवासियों को ऊर्जा दक्षता का लाभ दिया जा सके।

बाद के वर्षों में, भाग-II में इको-निवास संहिता में नए घटकों को जोड़ा जाएगा, जो अन्य पहलुओं जैसे भवन संचालन के लिए इलेक्ट्रो-यांत्रिक उपकरणों में ऊर्जा दक्षता, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन, दीवारों की कुल ऊर्जा और ढांचागत प्रणाली का समाधान करेंगे।

आवासीय भवनों के लिए ऊर्जा दक्षता लेबल

26 फरवरी, 2019 को गुरुग्राम, हरियाणा में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विद्युत, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रियों के सम्मेलन के दौरान माननीय विद्युत और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (आईसी) द्वारा "ऊर्जा दक्षता लेबल" का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य घर के ऊर्जा निष्‍पादन पर एक पारदर्शी उपकरण बनाना है जो भविष्य में घर की कीमतों पर निर्णय लेते हुए धीरे-धीरे एक प्रभावी मॉडल को ध्यान में रखेगा। लेबलिंग कार्यक्रम का उद्देश्य भविष्य में घर की कीमतों पर निर्णय लेते हुए घर के ऊर्जा निष्‍पादन का तुलनात्‍मक अध्‍ययन करना है। इसका उद्देश्य आवास क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता के लिए उपभोक्ता-संचालित बाजार परिवर्तन समाधान बनाने के लिए ऊर्जा दक्षता मानकों के आधार पर एक घर की दूसरे से तुलना करने के लिए बेंचमार्क प्रदान करना है।

यह कार्यक्रम सभी के लिए 24x7 बिजली प्रदान करके ऊर्जा अधिशेष भारत के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक और कदम है। प्रस्तावित लेबलिंग कार्यक्रम भारत में सभी प्रकार के आवासीय भवनों को कवर करेगा। सभी परिकल्पित उद्देश्यों को किसी भी अचल परिसंपत्ति लेनदेन/ पट्टे में सूचना को अनिवार्य बनाकर प्रस्तावित लेबलिंग प्रणाली के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है।

लिंक:

https: // www.beepindia.org

http://www.econiwas.com/

अपलोड किए जाने वाले दस्तावेज:

(1)इको-निवास संहिता 2018 (भाग: I)

 (a) Book on Eco-Niwas Samhita 2018 (Part I: Building Envelope)

(b) Eco-Niwas Samhita 2018 film

(c) Eco-Niwas Samhita 2018 Compliance Tool

(2)Energy Conservation Building Code 2017

                           (a) ECBC FAQ's

                                 (b) Design Guidelines

                                  (c) User Manuals

(3) Empanelment of ECBC expert architects

                       (a) Application

                       (b) List of Empanelled ECBC Expert Professionals/Firms


(4)List of ECBC Master Trainers       

(5)Regional Workshops to fast track the Implementation of ECBC in States of India

(6) Development of technical reference material such as ECBC User guide , Tip Sheets for lighting , enevelop,HVAC, simulation and energy efficiency in Data Centre

                         (a)ECBC Userguide V-0.2 (Public)

                         (b)Building Envelope Tip Sheet

                         (c)Building Lighting Tip Sheet

                         (d)HVAC System Tip Sheet

                         (e)Energy Simulation Tip Sheet

                         (f)Energy Efficiency in Data Centre Tip Sheet

(7) Development of conformance/compliance check tool(ECOnirman) to help architects/ design      professionals and code compliance officials to assess conformance with code reqirements

                        (a) ECOnirman Prescritive

                        (b) EConirman WBP

                        (c) ECObench

                        (d) ECBC Conformance Check Tool

(8) Standard ECBC Training Modules covering various aspects of the code and


(9) Integration of ECBC with Building Bye-laws.

Complementing the efforts of the government of India, the ECBC has been integrated in other rating & compliance systems being followed in the country such as EIA (Environmental Impact Assessment) for large area development under MoEF (Ministry of Environment & Forest), Green Rating for Integrated Habitat Assessment (GRIHA) rating system of ADARSH and Leadership in Energy & Environmental Design (LEED) rating system of the Indian Green Building Council (IGBC).